प्रेम

मैं तुम्हारी उदासी और तकलीफ भरे हर दिन में तुम्हें मुस्कान देना चाहता हूँ। 

उस दर्द को कम करना मेरे हाथ में नहीं है लेकिन उन असहज दिनों में तुम्हारे माथे को चूमकर अपने हाथों से चाय पिलाना मेरे लिये बहुत विशेष होगा।

प्रेम में जटिलता नहीं ,प्रेम में खुशियों का आसमान देना चाहता हूँ

- रुद्रांश त्रिगुणायत

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